अर्घ दिया। भगवान सूर्य की पूजन और उपासना किया। इसके बाद साथ में बैठकर करवा चौथ की कथा का पाठ किया। इस दौरान महिलाओं ने सोने-चांदी से 16 श्रृंगार किया हुआ था। करवा चौथ पर महिलाओं ने एक छोटा करवा लेकर एक दूसरे को व्रत का महत्व बताया। रामनगर की महिलाओं ने देर शाम एक जगह एकत्रित होकर करवे की पूजा की और सुहागिनों ने चांद को देखकर खोला। इस अवसर पर मोना शर्मा, शशांकी शर्मा, भारती, माया, कल्पना, साधना आदि महिलाओं ने विधि विधान पूर्वक पूजा कर चंद्रमा के दर्शन कर व्रत खोला।